पुणे में इंसानियत की मिसाल: नदी किनारे लावारिस मिले नवजात को पुलिस और नागरिकों ने दिया नया जीवन
पुणे जिले के शिक्रापुर इलाके से इंसानियत को झकझोर देने वाली, लेकिन राहत देने वाली घटना सामने आई है। शिक्रापुर के वेळ नदी किनारे एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा नवजात शिशु को लावारिस हालत में छोड़ दिया गया था। समय रहते स्थानीय नागरिकों, पुलिस और डॉक्टरों की तत्परता से मासूम की जान बचा ली गई।
जानकारी के मुताबिक, वेळ नदी परिसर में पूजा के लिए गए सुरेशराव करंजे को नदी किनारे एक नवजात बच्चा मिला। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना सचिन करंजे और पत्रकार व सर्पमित्र शेरखान शेख को दी। शेरखान शेख ने बिना देर किए शिक्रापुर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक दिपरतन गायकवाड से संपर्क किया।
इसके बाद मिनाक्षी करंजे की मदद से बच्चे को तुरंत शिक्रापुर ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस निरीक्षक दिपरतन गायकवाड, सहायक पुलिस निरीक्षक राहुल देशमुख और पुलिस टीम अस्पताल पहुंची।
अस्पताल में डॉ. शहाजी कदम, डॉ. पराग कानडे और मेडिकल स्टाफ ने नवजात का तत्काल इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी हालत स्थिर है।
बाद में पुलिस ने बाल कल्याण समिति की प्रक्रिया पूरी करते हुए बच्चे को पुणे स्थित भारतीय समाज सेवा संस्था में सुरक्षित पहुंचाया।
इस पूरी घटना में पुलिस का संवेदनशील और मानवीय चेहरा देखने को मिला। खास बात यह रही कि नवजात को पुणे ले जाते समय पुलिस वाहन को सजाया गया और नए कपड़े व जरूरी सामान के साथ बच्चे को सुरक्षित रवाना किया गया। शिक्रापुर पुलिस और स्थानीय नागरिकों की इस पहल की हर तरफ सराहना हो रही है।
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