ताजा खबरपुणेशिक्षा

एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी; 138 वैज्ञानिकों के (अ‍ॅबस्ट्रॅक बुक) के पुस्तक का प्रकाशन


पुणे (3 जुलाई); ऊर्जा, कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भौतिक विज्ञान जैसे विभिन्न विषयों में परिवर्तन हो रहे हैं। उस परिवर्तन के कारण मनुष्य पर जो प्रभाव पड़ रहा है वह मनुष्य के जीवन को खुशहाल बना रहा है। इन सभी विषयों पर शोध करने वाले विभिन्न वैज्ञानिकों द्वारा किया गया कार्य कुल मिलाकर एक वरदान हो सकता है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. भरत काले ने व्यक्त किये।

देश में पहली बार एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी भारतीय वैज्ञानिकों का पहला राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन विकसित भारत 2047 आयोजित करेगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित इस सम्मेलन के अवसर पर एमआईटी में 138 वैज्ञानिकों द्वारा विभिन्न विषयों पर किये गये शोध सार (एब्सट्रेक्ट बुक) की एक पुस्तक प्रकाशित की गई।

इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. बाला सुब्रमण्यम, एमआईटी डब्ल्यूपीयू के कुलपति डॉ. आर.एम चिटनीस एवं कुलपति डाॅ. मिलिंद पांडे मौजूद थे.

Advertisement

डॉ. भरत काले ने कहा, संगठित पुस्तक में देश के शीर्ष करोड़ वैज्ञानिकों के व्यापक आलेख शामिल हैं. इनमें वे वैज्ञानिक भी शामिल हैं जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ के लिए भटनागर पुरस्कार जीता है। इसमें विज्ञान और आध्यात्मिकता भारत का विकास कैसे करेंगे, डिजिटल परिवर्तन, स्वास्थ्य देखभाल, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और उन्नत सामग्री और विनिर्माण जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है।

डॉ. बाला सुब्रमण्यम ने कहा, कॉन्फ्रेंस भविष्य की तकनीक पर आधारित हो रही है. इसमें उन्नत सामग्री, एआई जैसे नए शोध शामिल हैं

डॉ. मिलिंद पांडे ने प्रथम राष्ट्रीय विज्ञान परिषद का महत्व बताया। साथ ही डॉ. आरएम चिटनिस ने कहा कि एमआईटी डब्ल्यूपीयू ने अपना रिसर्च सेंटर शुरू किया है। इस विश्वविद्यालय में कुल 500 छात्रों ने पीएचडी के लिए पंजीकरण कराया है। साथ ही 35 विद्यार्थियों ने पीएचडी पूरी की है।

Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »
error: Content is protected !!