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गणेशोत्सव में पुणे मेट्रो की दमदार सवारी; 12 दिनों में 48 लाख से अधिक यात्रियों ने किया सफर


गणेशोत्सव में पुणे मेट्रो की दमदार सवारी; 12 दिनों में 48 लाख से अधिक यात्रियों ने किया सफर

पुणे : गणेशोत्सव के दौरान पुणेकरों और बाहर से आए श्रद्धालुओं ने सार्वजनिक परिवहन को बड़ी प्राथमिकता दी। इस वर्ष गणेशोत्सव के दौरान 14 से 25 सितंबर तक 12 दिनों में कुल 48 लाख 32 हजार 915 यात्रियों ने पुणे मेट्रो से सफर किया। इस अवधि में महामेट्रो को 7 करोड़ 49 लाख 28 हजार 377 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

अनंत चतुर्दशी के विसर्जन जुलूस के दिन मेट्रो में भारी भीड़ देखने को मिली। 25 सितंबर सुबह 6 बजे से 26 सितंबर सुबह 6 बजे तक 24 घंटे में 5 लाख 80 हजार 280 यात्रियों ने मेट्रो का उपयोग किया। इस एक दिन में मेट्रो को 85 लाख 61 हजार 895 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

पिछले दो वर्षों में गणेशोत्सव के दौरान मेट्रो से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में बड़ी वृद्धि हुई है। 2024 में 20 लाख 45 हजार 100, जबकि 2025 में 37 लाख 17 हजार 578 यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया था। इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 48 लाख 32 हजार 915 हो गई। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष यात्रियों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

गणेशोत्सव के दौरान पीसीएमसी से स्वारगेट के बीच कॉरिडोर नंबर-1 पर 25 लाख 15 हजार 516 यात्रियों ने यात्रा की। इस मार्ग से 4 करोड़ 17 लाख 46 हजार 626 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं वनाज से रामवाड़ी मार्ग पर 23 लाख 17 हजार 399 यात्रियों ने सफर किया और इससे 3 करोड़ 31 लाख 81 हजार 751 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

जिला न्यायालय मेट्रो स्टेशन पर भी बड़ी संख्या में यात्रियों ने इंटरचेंज सुविधा का उपयोग किया। गणेशोत्सव के 12 दिनों में 10 लाख 39 हजार 452 यात्रियों ने यहां मेट्रो मार्ग बदला। वहीं विसर्जन के 24 घंटों में 1 लाख 22 हजार 552 यात्रियों ने इंटरचेंज सेवा का इस्तेमाल किया।

गणेशोत्सव के दौरान महात्मा फुले मंडई मेट्रो स्टेशन सबसे अधिक भीड़ वाला स्टेशन रहा। यहां 6 लाख 82 हजार 473 यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई और 1 करोड़ 1 लाख 85 हजार 255 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके बाद पीसीएमसी, स्वारगेट, रामवाड़ी और पीएमसी स्टेशनों पर सबसे अधिक यात्रियों की आवाजाही रही।

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इस वर्ष यात्रियों ने डिजिटल टिकट प्रणाली को भी बड़ी प्राथमिकता दी। गणेशोत्सव के 12 दिनों में 71 प्रतिशत यात्रियों ने डिजिटल टिकट प्रणाली का इस्तेमाल किया, जबकि 29 प्रतिशत यात्रियों ने कागजी टिकट लिया। कुल 86 प्रतिशत यात्रियों ने ऑनलाइन, यूपीआई या कार्ड के माध्यम से भुगतान किया, जबकि 14 प्रतिशत यात्रियों ने नकद भुगतान किया।

विसर्जन के दिन 11 मेट्रो स्टेशनों पर 20 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई। महात्मा फुले मंडई स्टेशन पर सबसे अधिक 70 हजार 375 यात्री पहुंचे। इसके बाद डेक्कन जिमखाना में 64 हजार 938, स्वारगेट में 48 हजार 906, पीसीएमसी में 43 हजार 491, रामवाड़ी में 37 हजार 894 और पीएमसी स्टेशन पर 36 हजार 588 यात्रियों ने सफर किया।

इसके अलावा वनाज में 30 हजार 686, नल स्टॉप में 30 हजार 519, गरवारे कॉलेज में 26 हजार 832, छत्रपति संभाजी महाराज उद्यान में 23 हजार 350 और पुणे रेलवे स्टेशन पर 20 हजार 149 यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई।

महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने कहा, “गणेशोत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालुओं ने पुणे मेट्रो पर जो विश्वास दिखाया, वह हमारे लिए गर्व की बात है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए ट्रेनों की आवृत्ति पांच मिनट कर दी गई थी और 24 घंटे सेवा उपलब्ध कराई गई। स्वारगेट, महात्मा फुले मंडई और डेक्कन जिमखाना स्टेशनों पर चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई थीं।”

हर्डीकर ने आगे कहा, “पुणेकरों और बाहर से आए श्रद्धालुओं ने सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देते हुए डिजिटल टिकट प्रणाली का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। इसके लिए हम सभी यात्रियों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं।”

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