‘हम पुलिस हैं…’ कहकर कारोबारी से 1 करोड़ रुपये लूटने की कोशिश, पुणे में फिल्मी अंदाज में रची गई साजिश नाकाम
‘हम पुलिस हैं…’ कहकर कारोबारी से 1 करोड़ रुपये लूटने की कोशिश, पुणे में फिल्मी अंदाज में रची गई साजिश नाकाम
पुणे:पुणे में एक करोड़ रुपये की नकदी लूटने की एक सुनियोजित साजिश पुलिस की सतर्कता से नाकाम हो गई। आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर कारोबारी की कार रुकवाई, चेहरे पर मिर्च पाउडर फेंका और नकदी से भरे बैग छीनने की कोशिश की। हालांकि घटनाक्रम ऐसा मोड़ ले गया कि पूरी रकम सुरक्षित बच गई और पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
न-हे पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, तलेगांव दाभाडे निवासी हर्षवर्धन भूषण पवार (35) शिवाजीनगर स्थित एचपी एंटरप्राइजेज नाम से थोक स्टेशनरी का कारोबार चलाते हैं। उनका कहना है कि इन दिनों स्टेशनरी सीजन होने के कारण रोजाना 15 से 20 लाख रुपये तक का कारोबार हो रहा है और इसी सिलसिले में 18 जुलाई को एक करोड़ रुपये की नकदी बैंक में जमा कराने की तैयारी थी।
शिकायत के मुताबिक, 17 जुलाई को उनके पारिवारिक मित्र किरण आपटे के साथ बातचीत हुई थी। आपटे ने बताया कि उनके परिचित चव्हाण एंटरप्राइजेज को काम के लिए एक करोड़ रुपये भेजने हैं। अगले दिन तय योजना के अनुसार हर्षवर्धन पवार दो कपड़े के बैग में नकदी लेकर सिंहगढ़ रोड स्थित ब्रह्मा होटल पहुंचे।
कुछ देर बाद आपटे के कहने पर दोनों एक सैंट्रो कार (एमएच-12-जीआर-3925) में बैठ गए। कार विक्रम विलास चाकणकर चला रहा था, जबकि आगे की सीट पर एक अन्य व्यक्ति बैठा था। पीछे की सीट पर पवार और आपटे के बीच नकदी से भरे दोनों बैग रखे गए थे।
शिकायत के अनुसार, जैसे ही कार नवले ब्रिज पर पहुंची, चालक ने बैंक जाने वाले रास्ते की बजाय हाईवे की ओर गाड़ी मोड़ दी। पुल के बीचोंबीच एक मोटरसाइकिल पर आए दो लोगों ने कार रोक ली। उनमें से एक ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा, “हम पुलिस हैं। हमें पता है कि तुम दो नंबर का माल लेकर जा रहे हो। गाड़ी साइड में लगाओ।”
इसके बाद आरोपियों ने कार के दरवाजे खोल दिए और नकदी वाले बैग छीनने की कोशिश शुरू कर दी। इसी दौरान शिकायतकर्ता के चेहरे पर मिर्च पाउडर फेंका गया। अफरा-तफरी में किरण आपटे 73.50 लाख रुपये वाला बैग लेकर कार से नीचे उतरने में सफल रहे, जबकि दूसरे बैग को लेकर आरोपियों और शिकायतकर्ता के बीच झड़प होती रही।
शिकायत में कहा गया है कि इसके बाद कार आगे बढ़ा दी गई। कार में मौजूद एक आरोपी लगातार खुद को पुलिस अधिकारी बताकर शिकायतकर्ता को धमकाता रहा और उसे खेड शिवापुर पुलिस चौकी ले जाने की बात कहता रहा।
जब कार खेड शिवापुर पुलिस चौकी के पास पहुंची तो आरोपी नीचे उतरकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा कि, “मैं पुलिस हूं, इस व्यक्ति के पास अवैध नकदी है, इसे मैंने पकड़ा है।” शोर सुनकर चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पूछताछ के दौरान शिकायतकर्ता ने पूरी घटना पुलिस को बताई।
पुलिस जांच में चालक की पहचान विक्रम विलास चाकणकर, जबकि खुद को पुलिस बताने वाले व्यक्ति की पहचान अमेय अरविंद कार्ले के रूप में हुई। बाद में किरण आपटे ने भी संपर्क कर बताया कि उनके पास मौजूद 73.50 लाख रुपये पूरी तरह सुरक्षित हैं।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूरी वारदात की साजिश गणेश रमेश कदम ने विक्रम चाकणकर और अमेय कार्ले के साथ मिलकर रची थी। शिकायत के मुताबिक, गणेश कदम पूरी घटना के दौरान उनकी कार के पीछे-पीछे चल रहा था। इस वारदात में दो अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका भी सामने आई है।
न-हे पुलिस ने विक्रम विलास चाकणकर, अमेय अरविंद कार्ले, गणेश रमेश कदम और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 310(1), 310(2), 204 और 127(7) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को एक करोड़ रुपये की नकदी ले जाने की सटीक जानकारी कैसे मिली। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरी वारदात के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं था।







