कौन थे एशिया का सबसे बड़ा फिल्म स्टूडियो बनाने वाले Ramoji Rao,
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। रामोजी ग्रुप के चेयरमैन और ETV ग्रुप के प्रमुख रामोजी राव का हैदराबाद के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे। 5 जून को उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और सांस फूलने की दिक्कत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वहीं उन्होंने अंतिम सांस ली।
रामोजी का जन्म 16 नवंबर, 1936 को आंध्र प्रदेश के पेडापारुपुडी में एक किसान परिवार में हुआ था। इस वजह से रामोजी का खेती से शुरू से ही मजबूत जुड़ाव था। उनका असली नाम रामय्या था जिसे उन्होंने बाद में बदलकर रामोजी कर लिया। उन्होंने साहित्य की पढ़ाई की और बाद में एक सफल बिजनेसमैन और मीडिया एंटरप्रेन्योर बन गए। उन्होंने रमादेवी से शादी की थी जिससे उन्हें दो बेटे, सुमन प्रभाकर और किरण प्रभाकर हुए।
पढ़ाई पूरी करने के बाद रामोजी ने दिल्ली की एक विज्ञापन एजेंसी में काम करना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने 10 अगस्त, 1974 को विशाखापत्तनम में तेलुगु न्यूजपेपर ईनाडु की स्थापना की। इस अखबार ने उस समय काफी लोकप्रियता हासिल की और चार साल भीतर ही ये वहां का एक प्रमुख प्रकाशन बन गया।
इन पुरस्कारों से किया जा चुका है सम्मानित
रामोजी राव को तेलुगु सिनेमा और मीडिया में उनके योगदान के लिए कई सारे पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। साल 2016 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा ‘नुव्वे कवली'(2000) के लिए उन्हें तेलुगु में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इसके अलावा उन्हें रामिनेनी फाउंडेशन पुरस्कार और फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार भी मिल चुके हैं.







