मैं RAW अधिकारी हूं…’ कहकर कारोबारी से ₹4.25 लाख की रंगदारी; पुणे में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश, आरोपी न्यायिक हिरासत में
पुणे
‘मैं RAW अधिकारी हूं…’ कहकर कारोबारी से ₹4.25 लाख की रंगदारी; पुणे में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश, आरोपी न्यायिक हिरासत में
राजकोट के कारोबारी का बैंक खाता फ्रीज कर लाखों की मांग; आरोपी के पास से नकली ₹500 के नोट, फर्जी आई-कार्ड, आधार-पैन कार्ड बरामद
पुणे : खुद को RAW अधिकारी बताकर गुजरात के एक कारोबारी से लाखों रुपये की रंगदारी वसूलने की कोशिश करने वाले आरोपी के खिलाफ पुणे पुलिस ने मामला दर्ज किया है। आरोपी के पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड, विशेष पुलिस अधिकारी होने का दावा करने वाले दो आई-कार्ड तथा ₹500 के नकली और असली नोट बरामद किए गए हैं। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 351, 308(2) और 319(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता तुषार गोपालदास पारेख (उम्र 42 वर्ष, निवासी राजकोट, गुजरात) अनाज का कारोबार करते हैं। उनकी शिकायत के अनुसार, 9 मार्च 2026 को उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में तीन अलग-अलग लेनदेन के जरिए ₹1,000, ₹1,000 और ₹2,000 जमा हुए। इसके बाद ऑनलाइन लेनदेन करते समय उन्हें पता चला कि उनका बैंक खाता अचानक फ्रीज कर दिया गया है।
बैंक में पूछताछ करने पर जानकारी मिली कि यह रकम पुणे के धनकवड़ी निवासी प्रविण कोठारी और पुष्पा कोठारी के खातों से भेजी गई थी। संबंधित लोगों से संपर्क करने के बाद एक व्यक्ति ने व्हाट्सऐप कॉल के जरिए खुद को RAW अधिकारी बताते हुए शिकायतकर्ता को धमकाना शुरू कर दिया। आरोपी ने दावा किया कि “कई लोगों के खाते इसी तरह ब्लॉक किए गए हैं।” खाते को दोबारा शुरू करवाने के लिए आरोपी ने ₹5 लाख की मांग की।
कुछ महीनों बाद शिकायतकर्ता को पुणे के सातारा रोड स्थित कैफे कॉफी डे में मिलने के लिए बुलाया गया। वहां आरोपी ने अपना कथित पहचान पत्र दिखाकर दोबारा ₹5 लाख की मांग की। आखिरकार दोनों के बीच ₹4.25 लाख में सौदा तय होने का आरोप शिकायत में लगाया गया है। पैसे नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी आरोपी द्वारा दिए जाने की बात शिकायतकर्ता ने कही है।
इस बीच शिकायतकर्ता ने अपने वकील की सलाह से पुणे क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी को हिरासत में लिया। शिकायतकर्ता ने आरोपी के साथ हुई व्हाट्सऐप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल सबूत पुलिस को सौंपे हैं।
पर्वती पुलिस थाने के पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) सदाशिव कोपणर ने बताया कि इस मामले में शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच पहले कोई आर्थिक लेनदेन हुआ था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। आरोपी को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और आगे की जांच जारी है।
पुलिस अब इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि आरोपी या उसके गिरोह ने इसी तरीके से अन्य नागरिकों को भी निशाना बनाया है या नहीं। साथ ही आरोपी के पास से बरामद नकली नोटों और फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल किसी अन्य अपराध में किया गया है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।







